
राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष प्रभा दुबे ने बताया कि बच्चों से भिक्षावृत्ति कराने की शिकायत मिल रही थी, जिसके बाद संयुक्त टीम बनाकर आज मौके पर पहुंच कर परिजनों को सख्त चेतावनी और समझाईश दी गई है कि बच्चों से भिक्षावृत्ति, बाल श्रम करना या करवाना दोनों दण्डनीय अपराध है। किसी भी स्थिति में बच्चों से ऐसा कृत्य ना कराया जाए। उन्होंने कहा कि बाल भिक्षावृत्ति और बाल श्रम के लिए प्रेरित करने वाले के विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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